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जहां में घूमना चाहता हूं

बहुत सारी जगह है जहां हम और आप घूमना चाहते हैं घूमना किसे पसंद नहीं होता है महीनों का काम का थकान या फिर ऐसे ही दोस्तों के साथ मस्ती के लिए परिवार के साथ समय बिताने के लिए या कभी-कभी काम के सिलसिले में भी लोग कहीं दूर जाना चाहते हैं जहां वह आराम कर सके कुछ वक्त अपने आप को दे सके ताकि फिर से रिलैक्स हो सके और कान के प्रेशर को रिलीज कर सके इसीलिए लोग घूमते हैं मकड़ी लोग आज सही नहीं है पुराने समय से ही लोग घूमने जाते हैं हमारे यहां तो घूमने के लिए तीर्थ यात्रा भी होती हैं जहां लोग सुनते भी हैं और अपना पूजा पाठ और तीर्थ यात्रा की पूरी करते हैं हमारे देश में घूमने के लिए बहुत सारी जगह है बहुत से मंदिर तालाब नदियां पहाड़ रेगिस्तान बर्फ समंदर हमारे देश में सब कुछ देख सकते हैं मुझे नहीं लगता दुनिया के हर देशों में इतनी सारी चीजें उपलब्ध होंगे न ना इतने मौसम उपलब्ध होंगे आप भारत में गर्मी अलग जगह पर बिता सकते हैं जाड़ा अलग जगह पर और बारिश भी अलग जगह पर बिता सकते हैं आप करने में पहाड़ों पर जा सकते हैं सर्दी में भी लोग पहाड़ों पर जाते हैं बर्फबारी कर मजा ले ले बारिश का पूछना बारिश तो लोग घरों में भी इंजॉय करते हैं मैं भी बस इसी तरह घूमना चाहता हूं बैकपैक किया कहीं भी निकल गया जब नई नई जगहों को देखना मुझे बहुत अच्छा लगता है लोगों की बातें और बात करने का तरीका सीखना आप यह देखेंगे हमारे देश में हर 5 से 10 किलोमीटर के बाद आपको एक नई भाषा एक नया टोन देखने को मिलेगा

हमारे देश में तो कहावत भी है कोस कोस पर बदले पानी तीन कोस पर बदले वाणी हमारे देश में कहीं से भी घूमना शुरू कर सकते हैं फरक नहीं पड़ता आप कहां पर है बस आप निकल सकते हैं कहीं को भी कहीं के लिए भी कोई भेजेगा आप दिल्ली में है वहीं से शुरू कर सकते हैं दिल्ली में भी काफी चीजें घूमने के लिए वाराणसी मथुरा आगरा कहीं भी दक्षिण भारत दक्षिण भारत का तो आपको बहुत ही सुखद अनुभव रहेगा वहां के लोगों का खान-पान तरीका बोलचाल एकदम अलग होता है आपको हमारे देश में हर जगह एक नया भारत देखने को मिलेगा वहां के लोगों का बनाया हुआ वह अपने तरीके से जीते हैं

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